July 18, 2024, 8:08 pm

Karwa Chauth 2023: दिल्ली-NCR में छाया अंधेरा.. आपके शहर में इतने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद

Written By: गली न्यूज

Published On: Wednesday November 1, 2023

Karwa Chauth 2023: दिल्ली-NCR में छाया अंधेरा.. आपके शहर में इतने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद

Karwa Chauth 2023 Moonrise Time Today:  पूरे देश में चारों ओर सिंदूरी आभा बिखरी नजर आई क्योंकि आज पूरा देश करवा चौथ का त्‍योहार महिलाएं प्रेम और श्रद्धा भाव से मना रही हैं। पति की दीर्घायु के लिए सभी ने निर्जला व्रत रखा है और रात को चांद का दीदार करके ही अपना व्रत खोलेंगी।

कैसे मनाते हैं करवा चौथ

कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ मनाया जाता है और इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके करवा माता की पूजा करती हैं और उसके बाद रात में चांद को अर्घ्‍य देकर और छलनी से पति चेहरा देखकर इस व्रत को पूर्ण करती हैं। भूखे प्‍यासे रहकर व्रत रखना आसान नहीं है और उस पर चांद जब इंतजार कराए तो बेचैनी और बढ़ जाती है।

करवा चौथ की विधि

करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक कठिन उपवास रखती हैं। इस अवधि के दौरान कुछ खाना या पानी पीना वर्जित होता है। इसके बाद जब चंद्रोदय हो जाता है, तो वे भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ गणेश जी की पूजा भी की जाती है। इसके बाद चंद्र देव को अर्घ्य देती हैं, जिससे उनका व्रत संपूर्ण हो जाता है। जानकारी के लिए बता दें, पूजा आमतौर किसी पुजारी या फिर घर के किसी बुजुर्ग व्यक्ति की मदद से की जाती है। करवा चौथ के व्रत में मिट्टी का बर्तन, थाली, कुमकुम, कलावा, गेहूं के बीज, दूर्वा घास, फूल/माला, चलनी, दीया, देसी घी, श्रृंगार का सामान, भोग प्रसाद (पूरी, हलवा और खीर), कहानी की किताब (व्रत कथा की किताब) और गेहूं की जरूरत पड़ती है।

क्या है करवा चौथ व्रत के पीछे की कहानी

करवा चौथ का व्रत रखने के पीछे एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार करवा नाम की एक स्त्री अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक गांव में रहती थीं। उनके पति बुढ़े और निर्बल थे। एक दिन नदी के किनारे स्नान के दौरान मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया। वह करवा कहकर अपनी पत्नी को पुकारने लगे। पति की पुकार सुन करवा वहां पहुंचीं। करवा के पतिव्रता धर्म का पालन करने से उनके सतीत्व में काफी शक्ति थी। करवा ने अपने पति के प्राण संकट में देख यमराज से प्रार्थना की। करवा के पतिव्रता होने के कारण यमराज ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और पूछा कि हे देवी आप क्या चाहती हैं।

इस पर करवा ने कहा कि मेरे पति के प्राण उस मगरमच्छ के कारण संकट में पड़े हैं। आप उसे मृत्यु दंड दे दीजिए। इसपर यमराज ने कहा कि मगरमच्छ की आयु अभी शेष बची है। तब करवा ने कहा कि यदि आपने उस मगरमच्छ को मृत्यु दंड नहीं दिया, तो मैं अपने तपोबल से आपको श्राप दे दूंगी। उसका साहस देख यमराज भी डर गए और मगरमच्छ को यमपुरी भेज दिया। साथ ही करवा के पति को दीर्घायु होने का वरदान दिया। उसी समय से करवा चौथ व्रत प्रचलन में आया।

आपके शहर में चंद्रमा के दर्शन कब होंगे, हम आपको बता रहे हैं दिल्ली,नोएडा, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के शहरों में चांद निकलने का सही समय क्‍या है।

 

नोएडा 8 बजकर 15 मिनट पर
गाजियाबाद 8 बजकर 14 मिनट पर
गुरुग्राम 8 बजकर 16 मिनट पर
फरीदाबाद 8 बजकर 15 मिनट पर
चंड़ीगढ़ 8 बजकर 10 मिनट पर
पटियाला 8 बजकर 13 मिनट पर
अमृतसर 8 बजकर 15 मिनट पर
सोनीपत 8 बजकर 18 मिनट पर
लुधियाना 8 बजकर 15 मिनट पर
पानीपत 8 बजकर 15 मिनट पर
जालंधर 8 बजकर 13 मिनट पर
मोहाली 8 बजकर 7 मिनट पर

 

खास बात ये है कि एक्ट्रेस कियारा आडवाणी आज अपना पहला करवा चौथ मना रही हैं। वह अपने पति अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ कुछ दिन पहले त्योहार के लिए अपने ससुराल पहुंची थीं। मंगलवार को उन्होंने अपनी मेहंदी की तस्वीर शेयर की है। कियारा ने मेहंदी डिजाइन के रूप में बस एक स्टार का विकल्प चुना है।

जानिए करवा चौथ करने का क्या है शुभ मुहूर्त

Moonrise Time Live Today: करवा चौथ को लेकर इसके शुभ मुहूर्त का बहुत महत्व है। सही मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।

आज के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजित 11:42 – 12:26

अशुभ समय

दुष्टमुहूर्त 10:14 AM – 10:58 AM
कंटक 02:39 PM – 03:23 PM
यमघण्ट 07:17 AM – 08:01 AM
राहु काल 01:27 PM – 02:50 PM
कुलिक 10:14 AM – 10:58 AM
कालवेला या अर्द्धयाम 04:07 PM – 04:51 PM
यमगण्ड 06:33 AM – 07:56 AM
गुलिक काल 09:18 AM – 10:41 AM

Delhi NCR Karwa Chauth 2023

अगर हम करवा चौथ पूजा की मुहूर्त और चंद्रोदय के समय की बात करें तो इस बार करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 06:05 बजे से शाम 07:21 बजे तक है। तो वहीं, करवा चौथ व्रत का समय – सुबह 06:39 बजे से रात 08:59 बजे तक रहेगा। अखंड सौभाग्य तथा सफल दांपत्य जीवन की कामना से सुहागिन महिलाएं आज निर्जला व्रत रखेंगी। साेलह श्रृंगार कर मां गौरी-महादेव व गणेश की आराधना करेंगी। दिनभर उपवास में रहने के बाद संध्या काल में छलनी से चंद्रदेव का दर्शन करने के उपरांत पारण करेंगी। भीड़ करवाचौथ से एक दिन पूर्व मंगलवार को कपड़ा बाजार व श्रृंगार दुकानों में महिलाओं की भीड़ रही।

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