February 21, 2024, 5:34 pm

Dog Issues In Noida: कुत्तों के लिए बनाए नियम तो भुगतनी होगी सजा, AOA-RWA पर होगी FIR…डीएम ने दिए निर्देश

Written By: गली न्यूज

Published On: Thursday February 8, 2024

Dog Issues In Noida: कुत्तों के लिए बनाए नियम तो भुगतनी होगी सजा, AOA-RWA पर होगी FIR…डीएम ने दिए निर्देश

Dog Issues In Noida: नोएडा में लगातार हो रही डॉग अटैक की घटनाओं के बीच एक बड़ी खबर है। हाल ही में नोएडा में डॉग फीडिंग पॉइंट के बारे में निर्देश जारी हुए हैं। डीएम ने एओए और आरडब्ल्यूए को नियम बनाने का अधिकार नहीं है जानवरों के लिए। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि नियमों के खिलाफ बनाए गए नियमों के लिए केस भी किया जा सकता है। डीएम के निर्देशानुसार पालतू और बेसहारा कुत्तों को लेकर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के नियमों का पालन नहीं करने पर एओए और आरडब्ल्यूए को भंग करने की चेतावनी दी गई है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार ( Dog Issues In Noida) नोएडा की हाउसिंग सोसायटियों में अब डॉग फीडिंग पॉइंट वहां के फीडर्स से सलाह लेकर बनेंगे। पालतू कुत्तों को मजल पहनाने के लिए AOA और RWA निर्देश जारी नहीं कर सकती है। 12 सितंबर को जारी हुए डीएम के ये निर्देश डिप्टी रजिस्ट्रार ने शहर की सभी आरडब्ल्यूए और एओए को लागू करने को कहा है। एओए और आरडब्ल्यूए इसका विरोध कर रही हैं। डीएम के निर्देशानुसार पालतू और बेसहारा कुत्तों को लेकर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के नियमों का पालन नहीं करने पर एओए और आरडब्ल्यूए को भंग करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद से विवाद और बढ़ गया है।

डीएम ने जानवरों पर क्रूरता रोकने को जारी किए थे निर्देश

दरअसल, बेसहारा और पालतू कुत्तों को लेकर अधिकांश सोसायटियों में दो गुट बन गए हैं। आए दिन हो रहीं डॉग बाइट की घटनाओं से लोग डरे-सहमे हैं। जानवरों पर होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए डीएम ने 12 सितंबर को एक निर्देश जारी किया था। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा कि कानून के खिलाफ एओए या आरडब्ल्यूए द्वारा जानवरों के लिए नियम बनाने पर उन्हें भंग कर पदाधिकारियों के खिलाफ केस भी किया जा सकता है। डीएम ने कहा है कि बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले को रोकना या धमकाना अपराध है।

डीएम को पशु क्रूरता की मिली थीं यह शिकायतें
  • कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर लगा जुर्माना उनके प्रीपेड बिजली मीटर से काटा जा रहा है
  • इन लोगों के फोटो और विडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर उनका सामाजिक बहिष्कार करना
  • डॉग फीडरों पर आए दिन हमले की शिकायत भी जिला प्रशासन को मिलना
  • किरायदार डॉग फीडरों को चयनित कर सोसायटी से बाहर निकालना
  • -डॉग फीडरों के खिलाफ झूठी शिकायतें देकर पुलिस में केस दर्ज कराना
  • एओए और आरडब्ल्यूए स्वच्छता की जिम्मेदारी उठाने के बजाए गंदगी के आरोप डॉग फीडरों पर थोपना
  • बेसहारा कुत्तों को मारना पीटना और उन्हें गार्डों के जरिये बाहर निकलवान
  • डॉग फीडरों को धमकाना और उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न करना
पशु कल्याण समिति का किया जाए गठन

डीएम के निर्देशानुसार, सभी सोसायटी और सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और एओए को एक पशु कल्याण समिति का गठन करना है। इसमें बेसहारा जानवरों के लिए काम करने वालों को भी शामिल किया जाए।

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डॉग फीडिंग पर बिजली-पानी काटने की नहीं दे सकते धमकी

डीएम के निर्देशानुसार रेंट एग्रीमेंट और फ्लैट खरीदारों के हितों के मुताबिक, पालतू जानवरों के मालिक को बिजली पानी काटने की धमकी नहीं दी जा सकती है। पालतू जानवर रखना एक मौलिक अधिकार है। किसी सोसायटी प्रबंधन समिति द्वारा कोई नियम बनाना कानून की श्रेणी में नहीं आता है।

पालतू कुत्तों पर मजल का उपयोग AWBI नियमों के खिलाफ

डीएम के निर्देशानुसार कोई एओए और आरडब्ल्यूए पालतू कुत्ते के मुंह पर मजल लगाने के लिए नियम नहीं बना सकती। यह एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) के नियमों के विरुद्ध है। पशु को मारना, चोट पहुंचाना या हत्या भी कानून की श्रेणी में अपराध है। प्रतीक विस्टेरिया सेक्टर-77 के एओए अध्यक्ष नितेश रंजन ने बताया कि सोसायटी में डॉग फीडिंग पॉइंट है। इसके बाद भी फीडर सार्वजनिक जगहों पर खाना खिलाते हैं। इस पर कार्रवाई करने की अनुमति एओए को होनी चाहिए। आदित्य सेलिब्रिटी होम्स, सेक्टर-76 एओए अध्यक्ष पुनीत शर्मा ने बताया कि पालतू और आवारा कुत्तों को लेकर एओए को नियम बनाने के अधिकार मिलने चाहिए। किसी भी तरह की स्थिति में सोसायटी के अंदर एओए की ही जवाबदेही होती है।

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