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Disadvantages of eating momos: मोमोज खाने वाले हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये बीमारियां!

Written By: गली न्यूज

Published On: Wednesday August 9, 2023

Disadvantages of eating momos: मोमोज खाने वाले हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये बीमारियां!

Disadvantages of eating momos: रोड किनारे ओवन में स्टीम हो रहे नरम-नरम मोमोज हर किसी ने खाए ही होंगे. इन्हे जब मसालेदार चटनियों के साथ परोसा जाता है, तो उनका स्वाद काफी बढ़ (Disadvantages of eating momos) जाता है. कई लोग इनका रोजाना सेवन करते हैं, तो कई लोग हफ्ते में 3-4 दिन. अगर आप भी मोमोज खाने के शौकीन हैं, तो इस आर्टिकल में मोमोज खाने के साइड इफेक्ट भी जान लीजिए.

मोमोज, पकौड़ी जैसा दिखता है, जिसके अंदर अलग-अलग तरीके की स्टफिंग होती है. यह मुख्य रूप से नेपाल, तिब्बत और भारत में काफी फेमस है. अगर भारत की बात करें तो मोमोज नॉर्थ इंडिया में एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, जो पिछले एक दशक से स्ट्रीट फूड्स का बादशाह बन चुका है.

यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे बनाने के लिए पोर्टेबल स्टीमर के अलावा किसी अन्य सामग्री की आवश्यकता नहीं होती. यह काफी सस्ता भी मिलता है यानी 20 रुपये में 4-6 पीस. मूल रूप से यह स्वादिष्ट स्टफिंग के साथ मैदे की लेयर से बनी होती हैं, जिसे स्टीम किया जाता है. आज कल मार्केट में कई तरह के मोमोज भी मिलते हैं.

सड़ी सब्जियों का इस्तेमाल

मोमोज के अंदर मौजूद (स्टफिंग) के लिए सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ मोमोज बेचने वाले खराब सब्जियों का इस्तेमाल करते हैं, जिसके सेवन से आपकी तबीयत बिगड़ सकती है.

मोमोज सेहत के लिए हानिकारक है

मोमोज सभी को बहुत पसंद होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये हमारी सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. नरम मैदा की बॉल्स जो वेज या नॉन-वेज स्टफिंग से से भरी होती हैं, जिन्हें विभिन्न मसालेदार चटनी और सॉस के साथ खाया जाता है, इनका सेवन सेहत के लिए खतरनाक होता है और आगे चलकर गंभीर तरीके से शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. कई कारणों से मोमोज को पकाने से लेकर इसे परोसे जाने वाली चटनियों और सॉसेज को स्वस्थ नहीं माना जाता. इसलिए इस आर्टिकल में बताएंगे कि मोमोज खाना सेहत के लिए सही क्यों नहीं है और इसके क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं.

मोमोज के ऊपर की लेयर मैदा से बनाई जाती है, जो अनाज का रेशेदार चोकर हटाने के बाद बचा हुआ स्टार्च वाला हिस्सा होता है. इस स्टार्च वाले हिस्से में कुछ एक्सपर्ट मैदा में एलोक्सन होने का भी दावा करते हैं. यह केमिकल मैदा को नरम बनाए रखता है.

मैदे में मिलाए जाने वाले ब्लीच केमिकल शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे इंसुलिन-उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है. इन ब्लीचिंग का उपयोग प्रयोगशाला में टेस्टिंग के लिए किया जाता है. एलोक्सन केमिकल शरीर के लिए हानिकारक होता है और डायबिटीज के लिए जिम्मेदार हो सकता है.

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मोमोज के अंदर इस्तेमाल होने वाली सब्जियां और चिकन, लंबे समय तक रखे रहने से खराब हो जाती हैं. ऐसे इंग्रेडिएंट से बने मोमोज का सेवन करेंगे तो जाहिर सी बात है, आप बीमार हो जाएंगे. अधिकांश चिकन प्रोडक्ट जो विभिन्न आउटलेट्स पर मिलते हैं, उनमें E. coli बैक्टीरिया काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है. यह जहर के समान होता है और उससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

मोटापे की समस्या

मोमोज को बनाने के लिए मैदे का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. मैदे में भारी मात्रा में मौजूद स्टार्च से मोटापा बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है.

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