June 15, 2024, 6:37 pm

Health Tips: क्या आप जानते हैं बैठे-बैठे पैर हिलाने के फायदें, बच सकते है कई बीमारियों से…

Written By: गली न्यूज

Published On: Tuesday August 22, 2023

Health Tips: क्या आप जानते हैं बैठे-बैठे पैर हिलाने के फायदें, बच सकते है कई बीमारियों से…

Health Tips:  क्या आप भी घर या ऑफिस में बैठे-बैठे पैर हिलाने, बार-बार कुर्सी घुमाने या पेन से खेलने लगते हैं? इसे भले ही एक तरह की बेकार आदत कहें, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. इन गतिविधियों को फिजटिंग कहा जाता है, जो एक तरह का व्यायाम ही है. व्यक्ति की यह चंचलता उसके शरीर को सक्रिय रखती है और विभिन्न बीमारियों से बचाते हुए उम्र बढ़ाने में सहायक है.

बैठे-बैठे हिलने-डुलने से 29% कैलोरी बर्न हो सकती है

जानकारों का कहना है कि ऐसे व्यवहार को सामान्य तौर पर घबराहट और ध्यान न देने के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ये आसान गतिविधियां हमें वजन पर काबू करने, तनाव से बचाने और लंबे समय तक जीवित रहने में मदद कर सकती हैं. यहां तक कि पैर थपथपाने जैसी हल्की गतिविधि भी हमें कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकती है. बैठे-बैठे हिलने-डुलने से 29 प्रतिशत और खड़े होकर हिलने-डुलने से 38 प्रतिशत से अधिक कैलोरी बर्न की जा सकती है.

एक जगह बैठे रहने के कारण होने वाले खतरा घटाता है

एक अध्ययन में 42 लोगों का तनावपूर्ण स्थिति में साक्षात्कार लिया गया. इन सभी को गणित का सवाल हल करने को दिया गया. इनमें जो लोग सवाल हल करने के साथ बाल संवारने, पेन के साथ खेलने जैसी गतिविधियां करते रहे, उन्हें इस साक्षात्कार के दौरान कम तनाव अनुभव हुआ.

फिजटिंग फायदेमंद इसलिए है कि यह काम के समय एक जगह बैठे रहने के कारण होने वाले खतरों को घटाती है. टेनिस में सर्व करने से पहले गेंद जमीन पर पटक कर उछालने की जरूरत नहीं होती लेकिन कई खिलाड़ियों ने माना कि ऐसा करने से उन्हें खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है.

फिजटिंग के प्रभाव जानिए

एक अन्य अध्ययन में आठ सप्ताह की अवधि में 16 दुबले लोगों को प्रतिदिन 1,000 अतिरिक्त कैलोरी खिलाई गई. इनमें फिजटिंग के प्रभाव की जांच की गई. इसमें सामने आया कि कुछ प्रतिभागी वजन बढ़ने से रोक पाए क्योंकि वे काम के समय ऐसी गतिविधियां कर रहे थे. दोनों प्रकार के लोगों में फैट को लेकर 10 गुना अंतर पाया गया. फोन कॉल लेते समय खड़े रहने से लेकर टहलते हुए बात करने वाले लोगों में भी इस प्रकार का अंतर पाया गया.

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जानकारी कहते है कि गतिहीन रहना सेहत के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता. कुछ न कुछ करते रहने का मस्तिष्क के प्रदर्शन के साथ गहरा संबंध है. यह जरूरत पड़ने पर सही स्तर की ऊर्जा देता है, जो एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है.

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