February 21, 2024, 5:31 pm

BJP Leader Murder Case: बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवासन के हत्यारों को हुई सजा-ए-मौत, केरल कोर्ट ने सुनाया फैसला

Written By: गली न्यूज

Published On: Tuesday January 30, 2024

BJP Leader Murder Case: बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवासन के हत्यारों को हुई सजा-ए-मौत, केरल कोर्ट ने सुनाया फैसला

BJP Leader Murder Case: बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवासन हत्याकांड से जुड़ी बेहद अहम खबर है। बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवासन की हत्या में दोषी पाए 15 पीएफआई के आतंकियों को केरल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। केरल में 19 दिसंबर 2021 को रंजीत श्रीनिवासन की बेहरमी से हत्या कर दी गई थी। पीएफआई के आतंकियों ने श्रीनिवासन की पत्नी, मां और बच्चे के सामने ही उनके अलाप्पुड़ा स्थित घर में बेरहमी से तलवार से हमला करके उन्हे मार दिया था। श्रीनिवास की जब हत्या की गई, तब वह बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के राज्य सचिव के पद पर कार्य कर रहे थे।

क्या है पूरा मामला

खबर के मुताबिक केरल के कोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवासन हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने PFI के 15 एक्टिविस्ट को सजा-ए- मौत की सजा दी है। पीएमआई कार्यकर्ताओं को मौत का यह सजा RSS नेता रंजीत श्रीनिवासन की हत्या के मामले में सुनाई गई है। रंजीत श्रीनिवासन संघ से बीजेपी में आए थे और पेशे से वकील थे। रंजीत श्रीवासन की हत्या 19 दिसंबर 2021 को उनके ही घर अलाप्पुड़ा में कर दी गई थी। उनकी पत्नी, मां और बच्चे चीखते रहे लेकिन झुंड में आए पीएफआई के आतंकियों ने रहम नहीं किया। रंजीत श्रीनिवासन की जब हत्या हुई थी, तब वह भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चा के केरल में राज्य सचिव थे। उन्हें बीजेपी ने विधानसभा प्रत्याशी भी बनाया था।

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रंजीत श्रीनिवासन हत्याकांड मामले में कुल 31 आरोपी हैं। कोर्ट ने पहले 15 आरोपियों पर फैसला सुनाया है। पहले 8 आरोपियों, निजाम, अजमल, अनूप, मुहम्मद असलम, सलाम पोन्नद, अब्दुल सलाम, सफारुद्दीन और मनशाद आदि हत्या के दोषी पाए गए हैं। इस मामले में 20 जनवरी को मावेलिक्कारा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था। सजा मावेलिककारा अतिरिक्त जिला न्यायाधीश वी जी श्रीदेवी ने सुनाई। अलाप्पुझा बार में प्रैक्टिस करने वाले वकील रंजीत श्रीनिवासन 2021 में अलाप्पुझा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार थे।

बदला लेने की भावना से की गई थी हत्या

पक्षकार वकीलों के अनुसार श्रीनिवासन की तलवार से काटकर, लहूलुहान करके बेरहमी हत्या की गई थी रंजीत की हत्या से एक रात पहले एसडीपीआई के राज्य सचिव केएस शान की हत्या हुई थी। इसी हत्या के प्रतिशोध में रंजीत श्रीनिवासन की हत्या की गई थी। पडिक्कल के अनुसार, अदालत ने पाया कि 15 आरोपियों में से एक से आठ तक सीधे तौर पर मामले में संलिप्त थे। अदालत ने चार आरोपियों (अभियुक्त संख्या नौ से 12) को भी हत्या का दोषी पाया क्योंकि वे अपराध में सीधे तौर पर शामिल लोगों के साथ थे और घातक हथियारों से लैस होकर घटनास्थल पर पहुंचे थे।

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ऐसे पकड़े गए आरोपी

पक्षकार वकीलों के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य श्रीनिवासन को भागने से रोकना और उनके चीखने की आवाज सुनकर घर में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को रोकना था। पडिक्कल ने बताया कि अदालत ने इस हत्याकांड में दी गई उस दलील को भी स्वीकार कर लिया कि सभी आरोपी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 149 के तहत हत्या के सामान्य अपराध के लिए भी उत्तरदायी हैं। पडिक्कल के मुताबिक, अदालत ने इस अपराध की साजिश रचने वाले तीन अन्य लोगों को भी हत्या का दोषी करार दिया गया।

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