June 15, 2024, 8:23 pm

पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से पाए निजात, आपनाएं ये ट्रिक्स

Written By: गली न्यूज

Published On: Friday May 26, 2023

पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से पाए निजात, आपनाएं ये ट्रिक्स

लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दौरान लड़कियों और महिलाओं को इस दर्द से राहत पाने के लिए कई उपचार है. कई तो कई तरह की दवाईयां भी लेती है. लेकिन आज हम आपको बताएंगे बिना दवा लिए किस तरह आप इस पेन से राहत पा सकते है.

इसके लिए एक्सपर्ट ने बताए योगासन से नेचुरल तरीके से दर्द को कम कर सकते है.

पीरियड्स का सामना टीनएज से लेकर मेनोपॉज तक करना ही पड़ता है. यही उम्र फैमिली और प्रोफेशनल फ्रंट पर भी आपके लिए बहुत सारी जिम्मेदारियां लेकर आती है. काम के दौरान पीरियड्स का आना आपके लिए बहुत सारे क्रैम्प्स, ब्लोटिंग और मूड स्विंग्स का कारण बन सकता है. हालांकि इन सभी को डील करने के लिए आप बहुत से उपाय अपनाते होगें. पर योग एक ऐसा उपाय है, जो न केवल किसी भी समस्या को डील करने में मदद करता है, बल्कि एक स्वस्थ और बेहतर जीवन का भी कारण बनता है. मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे (Menstrual hygiene day 2023) के संदर्भ में आपको उन खास योगासनों के बारे में भी जानना चाहिए जो पीरियड्स (yoga for periods) के दौरान आपके लिए मददगार हो सकते हैं.

जानिए मासिक धर्म के दौरान किए जाने वाले 3 प्रभावी योगासन
1 जानुशीर्षासन (Janushirshasan)

आचार्य अरूण बताते हैं कि जानुशीर्षासन को हर रोज करने से कंधा, हैमस्ट्रिंग और पीठ फैलने लगती है। इसके अलावा यह मासिक धर्म में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है। यह आसन इस दौरान होने वाले मूड स्विंग्स से निपटने में भी आपकी मदद करता है। जिससे मन को शांति मिलती है और अतिरिक्त थकान से भी राहत मिलती है।

कैसे करें जानुशीर्षासन

1- फर्श पर मैट बिछाएं और उस पर सीधे बैठ जाएं ।

2- अब अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला लें और दाहिने वाले घुटने को बाहर की तरफ मोड़ें, जिससे आपकी दाहिने पैर की एड़ी बाएं पैर की जांघ को छुएं।

3- धीरे-धीरे झुकने का प्रयास करें, पीठ को अधिक से अधिक स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें

4- इस दौरान आपको ध्यान देना है कि बाएं पैर का घुटना और कमर सीधी रहनी चाहिए।

5- अब अपने पैर की उंगलियों को अंदर की तरफ मोड़ें और इसी पोजीशन में तीन से चार मिनट तक रहें।

2 धनुरासन (Dhanurasana )

योग गुरू कहते हैं कि इस आसन को करने से पेट का डाइजेशन सही होता है। साथ पेट की समस्याओं में भी राहत मिलती है। इससे छाती और कंधों में दर्द से राहत मिलती है। यह आसन हमारे रिप्रोडक्टिव ऑर्गन को भी लाभ पहुंचाता है, जिससे पीरियड क्रैम्प्स को कम किया जा सकता है.

कैसे करें धनुरासन

1- सबसे पहले मेट में पेट के बल लेट जाएं, दो पैरों को जोड़ कर रखें।

2- अब अपनी दोनों हथेलियों को कंधे के नीचे रखें।

3- अब सिर और छाती को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।

4- आसन करते वक्त छत की ओर देखें और सामान्य तरीके से सांस लेटे रहें।

5- इसी तरह पांच मिनट तक रहें, थोड़ी देर ब्रेक के बाद इसे दोहराएं।

3 उष्ट्रासन (Ustrasana)

माहवारी के दौरान ज्यादातर महिलाएं पीठ दर्द का अनुभव करती हैं। इसके लिए योग गुरू उष्ट्रासन करने की सलाह देते हैं। वे बताते हैं कि इस आसन की शुरूआत करते वक्त आपको गिरने का डर लग सकता है, पर आपको डरने की बजाए संतुलित रहने का प्रयास करना है। फायदे की बात करें तो इसे करने से छाती, धड़, पेट, कंधा और कमर को खोलता है। साथ पीठ की मांसपेशियों में आराम दिलाता है, थकान और बेचैनी को कम करता है।

कैसे करें उष्ट्रासन

1- मैट बिछाएं और अपने दोनों घुटनों को मोड़ कर रखें, बीच में गैप जरूर रहे।

2- अब अपनी हथेलियों को पीठ के नीचे वाले हिस्से पर रखें, जिसे बैलेंस बना रहे।

3- अब अपने सिर और छाती को ऊपर की ओर खींचें।

4- अब कंधे को नीचे की ओर ले जाएं, कूल्हे को आगे धकेलें।

5- हथेलियों को आगे निकालें और एड़ियों को खीचें और ऊपर देखें।

6 – इस पोजीशन में दो मिनट तक रहें।

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