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Lift and Escalator Act: लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट, मंजूरी मिलने के बाद भी अटका…लोग हुए परेशान

Written By: गली न्यूज

Published On: Sunday March 31, 2024

Lift and Escalator Act: लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट, मंजूरी मिलने के बाद भी अटका…लोग हुए परेशान

Lift and Escalator Act: उत्तर प्रदेश सरकार ने महीने फरवरी माह में लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट को मंजूरी दी थी। इसके बाद बहुमंजिला इमारत में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली थी। लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट को मंजूरी मिले डेढ़ महीने से अधिक का समय हो गया है लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। जिसे लेकर लोग नाराज दिखाई दे रहे हैं। अकेले गाजियाबाद में अलग-अलग सोसायटियों में पांच हजार लिफ्ट है। लिफ्ट की मेंटिनेंश नहीं होने के कारण अक्सर लिफ्ट में हादसे होते रहते है। जिससे इन लिफ्ट को प्रयोग करने वाले लोगों को हमेशा डर लगा रहता है।

क्या है पूरा मामला

बता दें, उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में लिफ्ट (Lift and Escalator Act) के हादसों से लोग परेशान हो चुके हैं। अक्सर लोगों के लिफ्ट में फंसने की घटनाएं आती रहती हैं। प्रदेश में लिफ्ट एक्ट नहीं होने के कारण इन हादसों के जिम्मेदार लोग साफ बचकर निकल जाते है। बहुमंजिला इमारत में रहने वाले लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। काफी लंबे समय से नोएडा और गाजियाबाद के लोग सरकार से लिफ्ट एक्ट बनाने की मांग कर रहे थे। इस पर सरकार ने मंजूरी भी दी थी लेकिन अभी भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।

9 फरवरी 2024 को विधानसभा में लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट को मंजूरी दी गई थी

गाजियाबाद में लगभग 350 बहुमंजिला सोसायटी हैं। इन सोसायटियों में रहने वाले लाखों निवासियों को सबसे बड़ी समस्या लिफ्ट की मेंटेनेंस को लेकर है। पिछले कई वर्षों से चली आ रही समस्या का संज्ञान लेते हुए 9 फरवरी 2024 को विधानसभा में लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट को मंजूरी दी गई थी। एक्ट के अंतर्गत सोसायटियों के लोगों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हुए नियम बनाए गए थे। इसमें सजा का भी प्रावधान किया गया था।

लिफ्ट की मेंटेनेंस समय पर नहीं होने के कारण हादसे होते रहते हैं

अकेले गाजियाबाद में एक आंकड़े के अनुसार अलग-अलग सोसायटियों में लगभग पांच हजार लिफ्ट लगी हुई है। अधिकांश सोसायटियों में अक्सर लिफ्ट खराब रहती है या लिफ्ट की मेंटेनेंस समय पर नहीं होने के कारण हादसे होते रहते हैं। लोगों में लिफ्ट को लेकर डर भी रहता है। इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार बिल्डर मनमानी करते हैं और लिफ्ट की मरम्मत समय पर नहीं कराते।

मेंटेनेंस के अभाव में अक्सर लिफ्ट मे हादसे देखने को मिलते हैं। लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट के लागू हो जाने से लिफ्ट की मरम्मत समय पर होगी। और लिफ्ट को चलाने के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई जाएगी। लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट के में थर्ड पार्टी बीमे का भी प्रावधान है। शिप्रा सनसिटी से पार्षद संजय कुमार ने बताया कि विधानसभा में लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इस एक्ट को अभी विधान परिषद से मंजूरी मिलनी बाकी है। इस प्रक्रिया के बाद लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही लिफ्ट एक्ट लागू कर सकती है।

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लिफ्ट से अब लगने लगा है डर

चार्म्स कैसल में रहने वाले ऋतुराज श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक लिफ्ट एंड एस्केलेटर एक्ट लागू नहीं होता है तब तक पूरे गाजियाबाद शहर की बहुमंजिला इमारतों में लगी लिफ्ट में डायरेक्टर ऑफ इलेक्ट्रिकल सेफ्टी का सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि चार्म्स कैसल सोसायटी में लगभग 10 लिफ्ट लगी हुई है लेकिन यहां एक भी लिफ्ट में सर्टिफिकेट नहीं है। जबकि यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि यहां कई बार लोग लिफ्ट में फंस चुके है। अब तो उन्हें लिफ्ट का प्रयोग करने से भी डर लगने लगा है।

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