October 7, 2022, 6:34 am

दो साल से अनसुलझी नाबालिग की मौत की गुत्थी सुलझाएगी CBI

Written By: गली न्यूज

Published On: Wednesday June 8, 2022

दो साल से अनसुलझी नाबालिग की मौत की गुत्थी सुलझाएगी CBI

cbi will investigate suspicious death of minor in school: CBI (Central Bureau of Investigation) ने नोएडा के सोरखा गांव के एक स्कूल में 14 वर्षीय किशोरी से बलात्कार और हत्या के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. लड़की के माता-पिता की याचिका पर Supreme court ने मामला सीबीआई को सौंप दिया था. लड़की के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि तीन जुलाई, 2020 को उनकी बेटी का शव नोएडा के सोरखा गांव में एक गुरुकुल की कक्षा में फंदे से लटकता हुआ पाया गया था. इस संस्थान का संचालन जयेंद्र आचार्य और उनकी पत्नी द्वारा किया जाता है. माता-पिता का आरोप है कि आचार्य ने उन्हें यह बताए बिना कि उनकी बेटी की मौत हो गई है, उन्हें गुरुकुल में बुलाया था.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनके आने पर, आचार्य और उनकी पत्नी ने अज्ञात गुंडों की मदद से उनके मोबाइल फोन और अन्य सामान छीन लिए ताकि कोई तस्वीर न ली जाए और उन्हें उस कक्षा में ले गए. जहां उनकी बेटी फंदे से लटकी हुई थी. घटना के 14 और 68 दिन बाद 17 जुलाई और 09 सितंबर, 2020 को नोएडा पुलिस और हरियाणा पुलिस द्वारा दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं थी.

पीड़िता के माता-पिता ने हरियाणा में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज कराया था और उत्तर प्रदेश में उन्होंने अपनी बेटी से कथित तौर पर बलात्कार और हत्या के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. माता-पिता ने आरोप लगाया है कि जिस स्थिति में शव मिला था, उससे पता चलता है कि पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई.

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लड़की के माता-पिता की याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने इस वर्ष अप्रैल में इस मामले की जांच सीबीआई सौंप दी थी. Justice Ajay Rastogi और न्यायमूर्ति सीटी रवि कुमार की पीठ ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों को चार सप्ताह के भीतर संबंधित मामले की फाइल और दस्तावेज सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था. पीठ ने कहा था, ‘‘हमने ऐसे वक्त याचिकाकर्ता द्वारा की गई शिकायत का संज्ञान लिया है जो लड़की की मां हैं और जिन्होंने 14 साल की अपनी नाबालिग बेटी को खो दिया जब जांच अधिकारी द्वारा क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है.’’ शीर्ष अदालत का यह आदेश लड़की की मां द्वारा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर आया है जिसमें उसने जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया था. लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि यह बलात्कार और हत्या का जघन्य अपराध है.

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