October 7, 2022, 5:58 am

Agnipath Recruitment Scheme: सेना में 4 साल की नौकरी, रक्षा मंत्री ने किया एलान

Written By: गली न्यूज

Published On: Tuesday June 14, 2022

Agnipath Recruitment Scheme: सेना में 4 साल की नौकरी, रक्षा मंत्री ने किया एलान

Agnipath Recruitment Scheme: सेना में भर्ती (Army Recruitment) का सपना संजो रहे युवाओं के लिए एक खुशखबरी है. केंद्र की मोदी सरकार ने सेना में रुकी हुई भर्ती को खोल दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ स्कीम (Agnipath Recruitment Scheme) का एलान कर दिया है. इससे सेना में शॉर्ट टर्म सेना में बहाली हो पाएगी. तीनों सेना प्रमुखों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका एलान किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने की दिशा में आज सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम ‘अग्निपथ’ नामक एक transformative योजना ला रहे हैं, जो हमारी आर्म्ड फोर्सेज में ट्रांसफॉर्मेटिव चेंज लाकर उन्हें पूरी तरह आधुनिक और और हथियारों से सुसज्जित बनाएगी. देश के युवाओं के लिए चार साल की भर्ती की योजना है. इन युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा.

उन्होंने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना में भारतीय युवाओं को बतौर ‘अग्निवीर’ आर्म्ड फोर्सेज में सेवा का अवसर प्रदान किया जाएगा. यह योजना देश की सुरक्षा को मजबूत करने एवं हमारे युवाओं को सैन्य सेवा का अवसर देने के लिए लाई गई है. रक्षा मंत्री ने कहा कि आप सब इस बात से जरूर सहमत होंगे कि संपूर्ण राष्ट्र, खास तौर पर हमारे युवा, आर्म्ड फोर्सेज को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं. अपने जीवन काल में कभी न कभी प्रत्येक बच्चा सेना की वर्दी धारण करने की तमन्ना रखता है. चार साल की सेवा के दौरान अच्छा वेतन और सुविधाएं दी जाएंगी. तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैनिकों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के बारे में जानकारी दी थी.

दो साल से रुकी हुई है सेना की भर्ती: पिछले दो साल से सेना में भर्तियां नहीं हुई हैं. इस साल की शुरुआत में रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने संसद में एक सवाल के जवाब में लिखित जवाब दिया था कि कोरोना महामारी के चलते सेना की रिक्रूटमेंट रैलियों पर रोक लगी हुई है. इसके अलावा वायुसेना और नौसेना की भर्तियों पर रोक लगी हुई है. हालांकि, ऑफिसर रैंक की परीक्षाओं और कमीशनिंग पर कोई असर नहीं पड़ा है. लेकिन सैनिकों की भर्ती रुकने से देश के युवाओं में रोष है और इसको लेकर वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चुनावी रैलियों में भी अपना विरोध जता चुके हैं. सोशल मीडिया पर भी कई बार रिक्रूटमेंट रैलियां ना होने के चलते कई बार कैंपन हो चुका है.

इस भर्ती योजना को शीर्ष नेतृत्व की देखरेख में तैयार किया जा रहा है इसलिए आधिकारिक तौर से रक्षा मंत्रालय में कोई इसपर खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है. लेकिन जो जानकारी छन-छनकर सामने आ रही है उसके मुताबिक नई रिक्रूटमेंट योजना में ये सब पहली बार होने जा रहा है-

1: सेना में भर्ती मात्र चार साल के लिए होगी.

2: चार साल बाद सैनिकों की सेवाओं की समीक्षा की जाएगी. समीक्षा के बाद कुछ सैनिकों की सेवाओं का विस्तार किया जा सकता है. बाकी को रिटायर कर दिया जाएगा.

3: चार साल की नौकरी में छह-नौ महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होगी.

4: रिटायरमेंट के बाद पेंशन नहीं मिलेगी बल्कि एक मुश्त राशि दी जाएगी.

5: 17.5 साल से 21 साल के युवाओं को मौका मिलेगा.

6: ट्रेनिंग 10 हफ्ते से 6 महीने तक होगी

7: 10/12वीं के छात्र कर सकेंगे आवेदन.

8: 90 दिन अग्निवीरों की पहली भर्ती होगी

9: अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है, तो उसके परिजनों को सेवा निधि समेत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत मिलेगी. इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा.

10: वहीं, अगर कोई अग्निवीर डिसेबिल हो जाता है, तो उसे 44 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी. इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन मिलेगा

11: पूरे देश में मेरिट के आधार पर भर्तियां होंगी. जो लोग इन भर्ती परीक्षा में चयनित होंगे, उन्हें चार साल के लिए नौकरी मिलेगी.

कितनी मिलेगी सैलरी: रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को पहले साल 4.76 लाख का सालाना पैकेज मिलेगा. चौथी साल तक बढ़कर ये 6.92 लाख तक पहुंच जाएगा. इसके अलावा अन्य रिस्क और हार्डशिप भत्ते भी मिलेंगे. चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को 11.7 लाख रुपए की सेवा निधि दी जाएगी. इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

खास बात ये होगी कि अब सेना की रेजीमेंट्स में जाति, धर्म और क्षेत्र के हिसाब से भर्ती नहीं होगी बल्कि देशवासी के तौर पर होगी. यानि कोई भी जाति, धर्म और क्षेत्र का युवा किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा. दरअसल, सेना में इंफेंट्री रेजीमेंट अंग्रेजों के समय से बनी हुई हैं जैसे सिख, जाट, राजपूत, गोरखा, डोगरा, कुमाऊं, गढ़वाल, बिहार, नागा, राजपूताना-राईफल्स (राजरिफ), जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री (जैकलाई), जम्मू-कश्मीर राईफल्स (जैकरिफ) इत्यादि.

ये सभी रेजीमेंट जाति, वर्ग, धर्म और क्षेत्र के आधार पर तैयार की जाती हैं. आजादी के मात्र एक ऐसी, द गार्ड्स रेजीमेंट ऐसी है जो ऑल इंडिया ऑल क्लास के आधार पर खड़ी की गई थी, लेकिन अब अग्निवीर योजना में माना जा रहा है कि सेना की सभी रेजीमेंट ऑल इंडिया ऑल क्लास पर आधारित होंगी. यानि देश का कोई भी नौजवान किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा. आजादी के बाद से रक्षा क्षेत्र में ये एक बड़ा डिफेंस रिफोर्म माना जा रहा है.

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